जय जिनेन्द्र 🙏
कुंथलगिरी, मांगीतुंगी, गजपंथ, एलोरा, और अंबाजोगाई से वहाँ कैसे पहुँचें।
3 मिनट का पाठ

Memocap, The Indra Sabha, Cave 32 at Ellora, CC BY-SA 4.0. आकार बदलकर वेबपी में परिवर्तित।
जैन तीर्थ दो श्रेणियों में आते हैं। सिद्ध क्षेत्र वह है जहाँ से किसी आत्मा ने मोक्ष प्राप्त किया, और ये सर्वाधिक पूज्य हैं। अतिशय क्षेत्र किसी विशिष्ट घटना अथवा विशेष महत्व की प्रतिमा से जुड़ा होता है।
महाराष्ट्र में दोनों प्रचुर हैं, जो जैन धर्म के इतिहास में वर्णित दक्खन की ओर दिगंबर प्रयाण का परिणाम है। अनेक अंबाजोगाई से एक दिन की यात्रा में हैं।

Deepan Choudhary, Mangi Tungi twin pinnacle, CC BY-SA 2.0. आकार बदलकर वेबपी में परिवर्तित।
राज्य के बाहर दो स्थल इस मंदिर से जुड़े प्रत्येक व्यक्ति के लिए महत्वपूर्ण हैं। झारखंड का शिखरजी, अर्थात सम्मेद शिखर, वह स्थान है जहाँ से चौबीस में से बीस तीर्थंकरों ने मोक्ष प्राप्त किया, जिनमें भगवान विमलनाथ भी हैं, और वह समस्त जैन तीर्थों में सर्वाधिक पूज्य है। कर्नाटक का श्रवणबेलगोला बाहुबली की एकाश्म प्रतिमा का स्थान है, और वहीं आचार्य भद्रबाहु एवं चंद्रगुप्त मौर्य ने देह त्यागी।

Ananth H V, Shravanabelagola Hillview, CC BY-SA 3.0. आकार बदलकर वेबपी में परिवर्तित।