जय जिनेन्द्र 🙏
चढ़ावे की परंपरा एवं इस मंदिर के चढ़ावे।
प्लेसहोल्डर — चढ़ावा (बोली) किसी विशेष विधि के अधिकार का संघ को अर्पण है, जो सर्वोच्च बोली द्वारा लिया जाता है। राशि प्रायः किश्तों में चुकाई जाती है। ऑनलाइन बोली आगामी चरण में।
प्लेसहोल्डर — चढ़ावा (बोली) किसी पर्व या कल्याणक पर विशेष विधि के अधिकार का संघ को अर्पण है, जो परंपरागत रूप से सर्वोच्च बोली द्वारा लिया जाता है। यह शुल्क नहीं, सम्मान है — राशि क्षेत्र को सहयोग देती है एवं प्रायः किश्तों में चुकाई जाती है।
प्रातःकालीन अभिषेक के प्रथम कलश का अधिकार।
अभिषेक के पश्चात शांतिधारा का अधिकार।
मूलनायक के समक्ष दिवस की प्रथम पूजा।
वीर निर्वाण दिवस प्रातःकाल निर्वाण लड्डू अर्पण।
वर्षभर मूलनायक के समक्ष प्रज्वलित अखंड दीपक का प्रायोजन।
मंदिर के शिखर पर ध्वजारोहण।
कल्याणक शोभायात्रा का नेतृत्व करने वाले इंद्र–इंद्राणी।
अंबाजोगाई में शोभायात्रा के दौरान रथ का सारथ्य।